बाली में ज्वालामुखी राख के कारण उड़ानें रद्द, सुरक्षा चिंता बढ़ी

बाली में उड़ानें रद्द, खतरनाक ज्वालामुखी राख के कारण

बाली, इंडोनेशिया: इंडोनेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थल बाली के पास एक ज्वालामुखी के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस ज्वालामुखी से उड़ी राख की वजह से आसमान में घना धुंआ फैल गया है, जिससे हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। रविवार को हुए विस्फोट ने 9 किलोमीटर (6.2 मील) ऊँची राख की एक बड़ी धारा आसमान में भेजी, जो एक सप्ताह पहले हुए प्रमुख विस्फोट के बाद से उत्पन्न हुई, जिसमें 10 लोग मारे गए थे।

बाली के लिए उड़ानें रद्द

कई प्रमुख एयरलाइनों ने बाली और ऑस्ट्रेलिया के बीच अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं, क्योंकि राख के कारण उड़ान भरना खतरनाक हो गया था। क़ांटास, जेटस्टार और वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को यात्रियों को इस असुविधा के बारे में सूचित किया। इन एयरलाइनों ने बताया कि माउंट लेवोटाओबी लकी-लकी से निकलने वाली राख के कारण उड़ान भरना अब सुरक्षित नहीं है।

ऑस्ट्रेलिया की मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि यह राख ऑस्ट्रेलिया के उत्तरी हिस्से में भी फैल सकती है, जिससे और अधिक क्षेत्रों को प्रभावित किया जा सकता है।

ज्वालामुखी से उत्पन्न खतरा

माउंट लेवोटाओबी लकी-लकी से शनिवार को उड़ी राख ने आसमान में एक विशाल धुंआ बना दिया था। यह विस्फोट उस प्रमुख घटना के ठीक एक सप्ताह बाद हुआ, जिसमें 10 लोग मारे गए थे। अब एयरलाइनों द्वारा बाली के लिए और वहां से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। जेटस्टार ने कहा है कि उसकी सभी उड़ानें, जो गुरुवार 12:00 बजे तक थीं, अब रद्द हो गई हैं। वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने भी बुधवार को बाली के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दीं।

राहत की योजना

जेटस्टार ने यात्रियों के लिए राहत की घोषणा की है। एयरलाइन ने कहा कि वह जल्द ही अतिरिक्त उड़ानें भेजेगी, और इसके लिए बड़े बोइंग 787 विमान का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को बाली से ऑस्ट्रेलिया भेजा जा सके।

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी से असर

इंडोनेशिया में स्थित ज्वालामुखी न केवल उड़ानें बल्कि अन्य गतिविधियों को भी प्रभावित कर रहे हैं। लाबुआन बाजो शहर में होने वाले जैज़ महोत्सव को भी सुरक्षा कारणों के चलते अगले साल के लिए स्थगित कर दिया गया। लाबुआन बाजो माउंट लेवोटाओबी लकी-लकी से लगभग 600 किलोमीटर दूर है।

इंडोनेशिया का ज्वालामुखी क्षेत्र

इंडोनेशिया को प्रशांत महासागर में स्थित \”रिंग ऑफ फायर\” क्षेत्र में शामिल किया जाता है, जो उच्च भूकंपीय गतिविधि का एक केंद्र है। यहां लगभग 130 सक्रिय ज्वालामुखी मौजूद हैं। इसके कारण यहां पर प्राकृतिक आपदाएं, जैसे ज्वालामुखी विस्फोट, आम बात हैं। 2020 में भी माउंट मेरापी से उठी राख ने सोला शहर के हवाई अड्डे को बंद कर दिया था।

निष्कर्ष

ज्वालामुखी विस्फोटों के कारण बाली में उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इंडोनेशिया के सक्रिय ज्वालामुखियों का प्रभाव केवल बाली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं उत्पन्न हो रही हैं। यह घटना दर्शाती है कि कैसे प्राकृतिक आपदाएं मानव गतिविधियों और यातायात को प्रभावित कर सकती हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा योजनाओं को अपडेट रखें और हवाई अड्डों से संबंधित जानकारी के लिए एयरलाइनों से संपर्क करें।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *