नोएडा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, तीन स्थानों पर चलेगा बुलडोजर

नोएडा में बुलडोजर कार्रवाई: सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, 3 स्थानों पर होगी कार्रवाई

परिचय

नोएडा में सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने शहर के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया और अतिक्रमण हटाने के लिए अधिकारियों को बुलडोजर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस कदम से नोएडा में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आइए जानते हैं इस कार्रवाई के बारे में विस्तार से।

नोएडा में अतिक्रमण की स्थिति

नोएडा में हाल के दिनों में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ी हैं। इन जमीनों पर कई निर्माण कार्य चल रहे थे, जिनमें से कुछ को सीईओ डॉ. लोकेश एम ने शनिवार को निरीक्षण करते हुए पाया। इन भूमि पर अवैध निर्माण रोकने के लिए अधिकारियों को तत्काल बुलडोजर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीईओ ने निरीक्षण के दौरान क्या देखा?

डॉ. लोकेश एम ने शनिवार को नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के साथ सटे इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें तीन प्रमुख स्थानों पर सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माण होते हुए मिले। इन स्थानों पर संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सेक्टर-124 में पार्किंग पर निर्माण

सीईओ सबसे पहले सेक्टर-124 पहुंचे, जहां एक भूखंड पर पहले से पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव था। हालांकि, वहां एक निजी निर्माण कार्य हो रहा था। सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस स्थान पर पहले प्रस्तावित पार्किंग बनाई जाए और व्यावसायिक गतिविधियों को शामिल करते हुए एक नई योजना बनाई जाए।

ग्रीन बेल्ट और सड़क पर सुधार

इसके बाद सीईओ ने एमिटी विश्वविद्यालय और एक्सप्रेसवे के बीच स्थित ग्रीन बेल्ट का निरीक्षण किया। यहां सीईओ ने पौधे लगाने, सड़क किनारे टाइल्स को ठीक करने और गोलचक्कर का सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए। इन कदमों से इलाके की सुंदरता बढ़ेगी और साथ ही वहां के पर्यावरण को भी बेहतर किया जाएगा।

सेक्टर-94 और एक्सप्रेसवे के पास काम

सीईओ ने सेक्टर-94 के चरखा तिराहे पर स्थित गिरे हुए स्टोन पिलर को फिर से स्थापित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे पर बने अंडरपास के पास स्लोप वाली जमीन की सफाई और यहां अलग-अलग रंगों के पौधे लगाने के निर्देश भी दिए गए। यह कार्रवाई शहर के सौंदर्यीकरण के लिए की जा रही है।

अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

सीईओ ने कोंडली गांव के मुख्य रास्ते पर स्थित गणेश्वरम बैंकेट हॉल और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया, जो अवैध निर्माण के तहत बना था। सीईओ ने अधिकारियों को इस मामले में रिकॉर्ड प्रस्तुत करने और निर्माण को तोड़ने के निर्देश दिए। यह बैंकेट हॉल एक यूनियन के किसान नेता का बताया जा रहा है, और यह पहले भी अतिक्रमण हटाने के प्रयासों में विफल रहा था।

बादौली गांव में अतिक्रमण

इसके अलावा, बादौली गांव के पास एक अन्य प्रमुख स्थल पर अवैध अतिक्रमण किया गया था। यहां खाली पड़ी जमीन पर चारदीवारी का निर्माण चल रहा था। सीईओ ने अधिकारियों को इस चारदीवारी को तोड़ने और प्राधिकरण का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया।

बुलडोजर कार्रवाई का महत्व

नोएडा में यह बुलडोजर कार्रवाई अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी जमीनों को बचाना और उन पर होने वाले अवैध निर्माण को रोकना है। बुलडोजर कार्रवाई से न केवल अतिक्रमण करने वालों में डर पैदा होगा, बल्कि यह प्रशासन की सख्ती को भी दर्शाता है।

सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण की रोकथाम के उपाय

नोएडा में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें सतर्क निगरानी, समय-समय पर निरीक्षण, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शामिल है। इस प्रकार के कदमों से नोएडा के विकास में बाधा डालने वाले अवैध निर्माण को रोका जा सकेगा।

निष्कर्ष

नोएडा में बुलडोजर कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया से यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। सीईओ डॉ. लोकेश एम द्वारा किए गए निरीक्षण और दिए गए निर्देशों से यह उम्मीद की जा रही है कि नोएडा में अतिक्रमण की समस्या को समाप्त करने में सफलता मिलेगी। इस प्रकार की कार्रवाई से नोएडा के नागरिकों को भी यह संदेश जाएगा कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।


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