बिटकॉइन, जो क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में सबसे प्रमुख नाम बन चुका है, आज पहली बार 1 लाख डॉलर के पार पहुंच गया है। इसके पीछे की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत और क्रिप्टो मार्केट में उनके द्वारा किए गए समर्थन हैं।
ट्रंप का क्रिप्टोकरेंसी के प्रति समर्थन
2022 के अंत में 16,000 डॉलर से नीचे गिरने के बाद बिटकॉइन ने शानदार वापसी की है। जनवरी 2024 में यूएस लिस्टेड बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स की मंजूरी और ट्रंप की जीत के बाद, बिटकॉइन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टो वेंचर “वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल” लॉन्च किया है, जिससे उनके व्यक्तिगत दिलचस्पी को भी दर्शाया गया है। साथ ही, ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप ने क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Bakkt को खरीदने के लिए बातचीत की है, जिससे क्रिप्टो ट्रेडर्स के बीच विश्वास बढ़ा है।
माइनिंग कंपनियों में भी उछाल
बिटकॉइन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर माइनिंग कंपनियों पर भी पड़ा है। माइनिंग कंपनी MARA होल्डिंग्स के शेयर नवंबर में 65 फीसदी तक बढ़े हैं।
ट्रंप का प्रभाव और आगे का रुझान
बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह अभी केवल शुरुआत है। आगामी समय में बिटकॉइन नई अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकता है। ट्रंप के नेतृत्व में क्रिप्टो बाजार में और भी बदलाव हो सकते हैं, जो वैश्विक निवेशकों के लिए नये अवसर ला सकते हैं।