ऑनलाइन गेमिंग की लत: 12वीं के छात्र की मौत और बच्चों के लिए सुरक्षा उपाय

नई राह: ऑनलाइन गेमिंग की लत ने छात्र को खो दिया, अब बच्चों की सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय

हल्द्वानी: ऑनलाइन गेमिंग की लत अब बच्चों के लिए एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आ रही है। एक 12वीं के छात्र ने ऑनलाइन गेम्स की आदत के कारण कर्ज में डूबकर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना से उसके परिवार में हड़कंप मच गया है।

क्या था मामला?
रुद्रपुर के आदर्श कालोनी का 18 वर्षीय छात्र सागर ऑनलाइन गेम खेलने के शौक में कर्ज में डूब गया था। परिवार ने उसे कई बार इस आदत से बचने की सलाह दी, लेकिन वह नहीं माना। उसके तनाव का कारण गेमिंग था, जिससे उसका जीवन प्रभावित हुआ। आखिरकार, सागर ने अपनी जान ले ली, और इसके बाद यह घटना समाज में एक गंभीर संदेश छोड़ गई।

ऑनलाइन गेमिंग की लत के प्रभाव
डॉ. युवराज पंत, एसटीएच के मनोविज्ञानी के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है। आंखों की रोशनी में कमी, मोटापा, डिप्रेशन, और एकाग्रता की कमी जैसे प्रभाव सामने आ रहे हैं। गेमिंग का अत्यधिक उपयोग बच्चों को मानसिक तनाव में डाल सकता है।

बच्चों को मोबाइल और गेम्स से सुरक्षित रखने के उपाय

  1. समय सीमा तय करें: बच्चों को ऑनलाइन गेम्स खेलने के लिए समय सीमा तय करें।
  2. सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करें: बच्चों को पार्क में खेलने या अन्य शारीरिक गतिविधियों में शामिल करें, ताकि वे मोबाइल से दूर रहें।
  3. संवाद बढ़ाएं: बच्चों से उनके गेमिंग अनुभव पर बात करें, ताकि वे इसके नकारात्मक प्रभावों को समझ सकें।
  4. निगरानी रखें: बच्चों की गेमिंग गतिविधियों पर निगरानी रखें और उन्हें जरूरत से ज्यादा गेम खेलने से रोकें।

ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी समस्या का हल अभिभावकों के पास है। बच्चों को इस लत से बचाने के लिए जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप बेहद आवश्यक है।

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